प्रिय पाठक। बेफिक्र रहिये। मैं इस टॉपिक पर कोई घिसी पिटी ऊंचे ऊंचे सिद्धांतवादी बेफिजूल की सलाह नही देने जा रहा हूँ। बस कुछ मिंट गौर से पढिये। मेरा मक़सद सिर्फ राहत पंहुचाना है। जो इस बीमारी पीड़ित है उससे ज़्यादा कोई नही समझ सकता है। इस लेख में कुछ सवाल है, जवाब पढ़ने से पहले खुद से जवाब पूछिये। मुझे उम्मीद है आप इस लेख के अंत तक इस बीमारी से पूरी तरह आज़ाद हो चुके होंगे। तो थोड़ा मुस्कुराते हुए शुरू कीजिए।
👩🏫 क्या आपकी ज़िंदगी से उमंग खत्म हो गयी है? गुज़री हुई ज़िन्दगी की यादें दिल दिमाग पर बोझ है और आने वाला भविष्य ना उम्मीदी से भरा हुआ है ?
👩🏫 पेट, पाचन तंत्र, दिल की बीमारी और रक ही काम को बार बार करना जैसे हाथ बहुत देर तक धोना ?
👩🏫 क्या छोटी छोटी सी बात कान से गुजरते हुए सीधी दिल पर चुभती है ? बार बार घूम घूम कर एक ही बात लौट कर आती रहती है। पीछा ही नहीं छोड़ती? अपनी जगह बना लेती है।
👩🏫 कोई नागवार बात हो जाये तो उसे भूल जाने में खुद को असमर्थ महसूस करते हैं ?
👩🏫 भविष्य में होने वाली किसी चैलेंजिंग घटना के होने से पहले तरह तरह के ख्याल वो भी सारे के सारे नेगेटिव और अगर पॉजिटिव उम्मीद हो तो नेगेटिविटी ज़्यादा देर तक उसे रहने नही देती यानी थोड़ी देर बाद फिर डर्ड, दिल घबराना शुरू ?
👩🏫 कहीं भी वक़्त पर नहीं पंहुच पाते ? घर से दूर सफर करने को दिल नही करता यानी नई दुनिया को देखना ही नही चाहते बल्कि अपनी बसाई छोटी सी दुनिया से बाहर निकलने की हिम्मत ही नही होती ?
👩🏫 आने वाली ज़िन्दगी के बारे में या तो नेगेटिव है या मायूस ?
👩🏫 मज़बूत व्यक्तित्व को देखकर आकर्षित या इंस्पायर हो जाते है फिर उसके जैसा बन जाने की असीम इच्छा परंतु थोड़ी ही देर में हक़ीक़त सामने आ जाती है फिर वहीँ ?
👩🏫 अपने ही व्यक्तित्व से भागने के लिए सोशल मीडिया या अखबार या यूट्यूब पर बहुत ज़्यादा वक़्त खराब करते हैं ?
👩🏫 सुबह का वक़्त बहुत भारी पड़ता है दिन ढलते ढलते खुद को रोजाना के टाइम किलिंग कामों से संतुष्ट करते है ?
👩🏫 अपने सभी पुराने क़रीबी लगभग खत्म हो चुके एक्का दुक्का ही रोज़ाना वही लोगो से मिलना?
👩🏫 तीव्र इच्छा ?
👩🏫 उम्र गुज़र रही है यानी सुबह होती है शाम होती है ज़िन्दगी यूँ ही तमाम होती है ?
👩🏫 लेट सोना, देर रात तक मोबाइल चलाना या सोचते रहना ?
👩🏫 सोने से पहले अगले दिन एयर बाक़ी ज़िन्दगी के लिए बड़ी बड़ी योजनाएं बनाना। सबकुछ बदल डालने की दिल मे पूरी उमंगे पैदा करने। सुबह जल्दी उठने की प्लानिंग करना। काल से सारी बुरी आदतें छोड़ देने की ठान लेना। सो जाना । फिर अगले दिन लेट उठना। और वही सारी गलतियां दोबारा दोहराना। फिर रात को उम्मीदो के पहाड़ बनाना। फिर गलतिया दोहराना। ज़िन्दगी कोई बदलाव नही। सिर्फ मायूसी और डिप्रेशन। है ना ???
चलो अगला पोस्ट पढ़ो और इन सब से छुटकारा पाओ आज ही से। 👇👇👇👇👇👇
कमेंट ज़रूर लिखना और शेयर भी करना। क्या पता आपकी एक शेयर से किसी की ज़िंदगी मे खुशहाली आ जाये ।
How to get freedom from Depression
👩🏫 क्या आपकी ज़िंदगी से उमंग खत्म हो गयी है? गुज़री हुई ज़िन्दगी की यादें दिल दिमाग पर बोझ है और आने वाला भविष्य ना उम्मीदी से भरा हुआ है ?
👩🏫 पेट, पाचन तंत्र, दिल की बीमारी और रक ही काम को बार बार करना जैसे हाथ बहुत देर तक धोना ?
👩🏫 क्या छोटी छोटी सी बात कान से गुजरते हुए सीधी दिल पर चुभती है ? बार बार घूम घूम कर एक ही बात लौट कर आती रहती है। पीछा ही नहीं छोड़ती? अपनी जगह बना लेती है।
👩🏫 कोई नागवार बात हो जाये तो उसे भूल जाने में खुद को असमर्थ महसूस करते हैं ?
👩🏫 भविष्य में होने वाली किसी चैलेंजिंग घटना के होने से पहले तरह तरह के ख्याल वो भी सारे के सारे नेगेटिव और अगर पॉजिटिव उम्मीद हो तो नेगेटिविटी ज़्यादा देर तक उसे रहने नही देती यानी थोड़ी देर बाद फिर डर्ड, दिल घबराना शुरू ?
👩🏫 कहीं भी वक़्त पर नहीं पंहुच पाते ? घर से दूर सफर करने को दिल नही करता यानी नई दुनिया को देखना ही नही चाहते बल्कि अपनी बसाई छोटी सी दुनिया से बाहर निकलने की हिम्मत ही नही होती ?
👩🏫 आने वाली ज़िन्दगी के बारे में या तो नेगेटिव है या मायूस ?
👩🏫 मज़बूत व्यक्तित्व को देखकर आकर्षित या इंस्पायर हो जाते है फिर उसके जैसा बन जाने की असीम इच्छा परंतु थोड़ी ही देर में हक़ीक़त सामने आ जाती है फिर वहीँ ?
👩🏫 अपने ही व्यक्तित्व से भागने के लिए सोशल मीडिया या अखबार या यूट्यूब पर बहुत ज़्यादा वक़्त खराब करते हैं ?
👩🏫 सुबह का वक़्त बहुत भारी पड़ता है दिन ढलते ढलते खुद को रोजाना के टाइम किलिंग कामों से संतुष्ट करते है ?
👩🏫 अपने सभी पुराने क़रीबी लगभग खत्म हो चुके एक्का दुक्का ही रोज़ाना वही लोगो से मिलना?
👩🏫 तीव्र इच्छा ?
👩🏫 उम्र गुज़र रही है यानी सुबह होती है शाम होती है ज़िन्दगी यूँ ही तमाम होती है ?
👩🏫 लेट सोना, देर रात तक मोबाइल चलाना या सोचते रहना ?
👩🏫 सोने से पहले अगले दिन एयर बाक़ी ज़िन्दगी के लिए बड़ी बड़ी योजनाएं बनाना। सबकुछ बदल डालने की दिल मे पूरी उमंगे पैदा करने। सुबह जल्दी उठने की प्लानिंग करना। काल से सारी बुरी आदतें छोड़ देने की ठान लेना। सो जाना । फिर अगले दिन लेट उठना। और वही सारी गलतियां दोबारा दोहराना। फिर रात को उम्मीदो के पहाड़ बनाना। फिर गलतिया दोहराना। ज़िन्दगी कोई बदलाव नही। सिर्फ मायूसी और डिप्रेशन। है ना ???
चलो अगला पोस्ट पढ़ो और इन सब से छुटकारा पाओ आज ही से। 👇👇👇👇👇👇
तो हो जाओ शुरू. अपनी भाषा चुनिये
हिंदी
कमेंट ज़रूर लिखना और शेयर भी करना। क्या पता आपकी एक शेयर से किसी की ज़िंदगी मे खुशहाली आ जाये ।
How to get freedom from Depression

Comments
Post a Comment