भारत मे हज़ारो लोग मौलवीयत का मज़हबी कोर्स करते है। उनके लिए मौलवीयत के बाद दो ही रास्ते बचते है। एक कि वो सदियो से चले आ रहे एक मस्जिद मदरसे की व्यवस्था में खुद को चले जाएं जहां ना उनको कोई खास सेलरी मिलती है और ना लाइफ स्टैण्डर्ड और ना कुछ बड़ा करने का कोई साधन। दूसरा वो मजदूरी या टेलर वगैरा के छोटे मोटे काम करके अपना जीवन यापन करते है। बहुतो के दिल मे ख्वाहिश रहती है कि बो भी बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़कर कोई मक़ाम हासिल करें। मगर उनके सामने ना कोई रास्ता होता है ना इसकी जानकारी।
सच ये है कि भारत की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जेएनयू दिल्ली एक दो नही बल्कि 10 कोर्स में BA फर्स्ट ईयर में मौलवीयत सर्टिफिकेट धारको को अपने यहां एडमिशन देती है। इन कोर्सो को करने के बाद उनके लिए हायर एडुकेशन, सिविल सर्विसेज, विदेश मंत्रालय, विदेश विभाग, एम्बेसी जैसे बहुत बड़े संस्थानों में बड़ी सेलरी के साथ सम्मान जनक पद बड़े आराम से मिल जाते है।
यहां नीचे दिए गए टेबल में इन कोर्सो का पूरा ब्यौरा मौजूद है। इन कोर्सो में एडमिशन के लिए मौलवीयत में कम से कम 45% नंबर होने चाहिए। फार्म जेएनयू में ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनो प्रकार से भरे जाते है। ध्यान रहे कि जेएनयू में किसी भी कोर्स में ना के बराबर ही फीस होती है बिल्कुल मामूली। विशेष परिस्थितियों में उसे भी माफ कर दिया जाता है। जेएनयू में रहने खाने की फ्री हास्टल सुविधा है।
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