NEET इस समय देश मे सबसे बड़ा एग्जाम बन चुका है।हालांकि इसमें आने वाले प्रश्न का स्तर आईआईटी के मुकाबले बहुत हल्का है परंतु सीट और अभ्यर्थियों का रेश्यो इस एग्जाम को इतना मुश्किल कर देता है कि आईआईटी जेईई भी इस एग्जाम के सामने हल्का महसूस होने लगता है। तो मेहनत के बावजूद NEET देश की सबसे अनिश्चित प्रवेश परीक्षा बन चुकी है। परंतु ये भी एक हक़ीक़त है कि सब सेलेक्ट नही हो सकते। समझदार इंसान वो है वो और भी रास्तो को खुला रखे। सिर्फ एक चीज़ पर अपनी ज़िंदगी को दांव पर ना लगाए। यदि आपका सिलेक्शन हुआ तो मुबारक और अगर नही हुआ तो ? तो क्या पापा की जमा पूंजी खत्म। प्राइवेट mbbs एक से डेढ़ करोड़ खर्च या BAMS, BUMS, BHMS जो कि पड़ता है 20 से 25 लाख रुपये। भारत का मेडिकल सेक्टर बहुत बड़ा है। अगर अच्छे संस्थान से बीफार्मा, एमफार्मा किया जाता है तो दवाई सिप्ला, मैनकाइंड, रेन्बेक्सि, हिमालयन जैसी बड़ी इंटरनेशनल फार्मासूटिकल कंपनियों में रिसर्चर (RND) जैसे बड़े पदों पर लाखों की सैलरी पर अप्पोइन्ट किया जाता है। इसके अलावा फिजियोथेरेपी आज के समय मे बड़ा फील्ड है खासकर शहरी आबादी में। इसके लिए बीएससी, एमएससी फि...